Sunday, November 3, 2019

Huge personality of shri Krishna



Once Yudhishthira performed the Rajasurya Yajna.
 Invited many people.  God
 Shri Krishna also came.  He told Yudhishthira - "Everybody is working."
 Give me some work too. "
 Yudhishthira looked at him and said - "For you
 We have no work. "
 Shri Krishna said - "But I do not remain useless
 Wants  At least give me some work. "
 Yudhishthira said - "I have some work
 No |  If you have to do something
 Find work yourself. "
 Shrikrishna said - "Ok I find my work
 Took it
 Yudhishthira eagerly asked - "What job search?"
 took?"
 Krishna said - "I will pick up all the wooden plates and
 Will clean up. ”Yudhishthira was awestruck after hearing this.
 Krishna did the same.  What is more valuable than service





एक बार युधिष्ठिर ने राजसूर्य यज्ञ करवाया |
बहुत-से लोगों को आमंत्रित किया | भगवान
श्रीकृष्ण भी आए | उन्होंने युधिष्ठिर से कहा – “सब लोग काम कर रहे हैं |
मुझे भी कोई काम दे दीजिए |”
युधिष्ठिर ने उनकी ओर देखकर कहा – “आपके लिए
हमारे पास कोई काम नहीं है |”
श्री कृष्ण बोले – “लेकिन मैं बेकार नहीं रहना
चाहता | मुझे कुछ-न-कुछ काम तो दे ही दीजिए |”
युधिष्ठिर ने कहा – “मेरे पास तो कोई काम है
नहीं | यदि आपको कुछ करना ही हो तो अपना
काम आप स्वयं तलाश कर लीजिए |”
श्रीकृष्ण बोले – “ठीक है मैंने अपना काम खोज
लिया |”
युधिष्ठिर ने उत्सुकता से पूछा – “क्या काम खोज
लिया?”
कृष्ण ने कहा – “मैं सबकी जूठी पत्तलें उठाऊंगा और
सफाई करूंगा |” यह सुनकर युधिष्ठिर अवाक् रह गए |
कृष्ण ने वही किया | सेवा से बढ़कर और क्या हो
सकता है |

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