Sunday, November 10, 2019

An incident related to Kabirdasji







Once Kabirdas ji was walking out of a street doing bhajan.
 Some women were going ahead of him.
 If the wedding of one of the women was fixed somewhere, then her in-laws sent a Nathani to Shagun.
 That girl was repeatedly telling her friends about Nathani that Nathanie is like that
 He has sent this special to me ... It is just the matter of Nathani ...
 All things were falling in the ear of Kabirji following him.
 Kabir came out from them, moving fast
 and said-
 "Nathan Dini Yar, then contemplation again and again,
 And Kartar, the nose, gave it to forget them .. "
 Imagine if there was no nose
 Where does Nathan wear
 We do the same in life.
 We have the knowledge of material things, but the God who gave this rare human body and gave all the things related to this body, all relationships - we do not have time to remember that.

Nathani-nose ring
Dini - gave
Yar - husband
Kartar - God


एक बार कबीरदास जी हरि भजन करते एक गली से निकल रहे थे।
उनके आगे कुछ स्त्रियां जा रही थीं ।
उनमें से एक स्त्री की शादी कहीं तय हुई होगी तो उसके ससुरालवालों ने शगुन में एक नथनी भेजी थी ।
वह लड़की अपनी सहेलियों को बार-बार नथनी के बारे में बता रही थी कि नथनी ऐसी है वैसी है
ये ख़ास उन्होंने मेरे लिए भेजी है... बार बार बस नथनी की ही बात...
उनके पीछेे चल रहे कबीरजी के कान में सारी बातें पड़ रही थी ।
तेजी से कदम बढाते कबीर उनके पास से निकले
और कहा-
"नथनी दीनी यार ने,तो चिंतन बारम्बार,
और नाक दिनी करतार ने, उनको दिया बिसार.."
सोचो यदि नाक ही ना होती तो
नथनी कहां पहनती !
यही जीवन में हम भी करते हैं।
भौतिक वस्तुओं का तो हमें ज्ञान रहता है परंतु जिस परमात्मा ने यह दुर्लभ मनुष्य देह दी और इस देह से संबंधित सारी वस्तुऐं, सभी रिश्ते-नाते दिए, उसी को याद करने के लिए हमारे पास समय नहीं होता ।

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